Thursday, November 14, 2024

मोबाइल पर वीडियो एडिटिंग के लिए

 मोबाइल पर वीडियो एडिटिंग के लिए कुछ ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर हैं जो पेशेवर गुणवत्ता प्रदान करते हैं और पूरी तरह से फ्री हैं, लेकिन जैसा कि मैंने पहले कहा, छवि बनाने के लिए निर्देश नहीं दिए गए हैं। यहां कुछ विकल्प हैं:


  1. OpenShot - यह मोबाइल पर नहीं है, लेकिन यह ओपन सोर्स और फ्री है, और आप इसे अपने मोबाइल से कनेक्टेड कंप्यूटर पर उपयोग कर सकते हैं। इसमें पेशेवर स्तर की फीचर्स हैं।
  2. Kdenlive - मुख्य रूप से लिनक्स के लिए है, लेकिन अगर आप किसी भी डिवाइस पर इसका उपयोग करना चाहते हैं, तो एंड्रॉइड पर LinuxDeploy या ऐसे किसी ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं जो आपको लिनक्स एनवायरनमेंट चलाने देता हो।
  3. Shotcut - यह भी ओपन सोर्स है और विंडोज, मैक और लिनक्स के लिए उपलब्ध है। जबकि इसका मोबाइल वर्जन नहीं है, आप इसे पीसी पर मोबाइल से कनेक्ट करके उपयोग कर सकते हैं।
  4. Natron - यह एक ओपन सोर्स कम्पोजिटिंग एप्लिकेशन है जो वीडियो एडिटिंग के लिए भी इस्तेमाल हो सकता है, लेकिन यह भी प्राइमारी रूप से डेस्कटॉप के लिए है।
  5. Kapwing - यह वेब-बेस्ड है और मोबाइल वेब ब्राउज़र पर काम करता है। यह स्ट्रिक्टली ओपन सोर्स नहीं है, लेकिन इसमें कई फ्री टूल्स हैं जो मोबाइल डिवाइस पर वीडियो एडिटिंग की सुविधा देते हैं।


ध्यान दें कि ज्यादातर ओपन सोर्स वीडियो एडिटिंग सॉफ्टवेयर मोबाइल डिवाइसों पर उपलब्ध नहीं हैं, क्योंकि मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए ऐप्स बनाना और मैनटेन करना अधिक जटिल होता है। इसलिए, आपको अपने मोबाइल से वीडियो को कंप्यूटर पर ट्रांसफर कर उसे इन डेस्कटॉप सॉफ्टवेयर्स का उपयोग करके एडिट करना पड़ सकता है।


इसके अतिरिक्त, अगर आप ऐसे ऐप्स चाहते हैं जो मोबाइल पर बहुत अच्छे काम करते हैं और फ्री में पेशेवर गुणवत्ता वाले टूल्स देते हैं, तो आप Capcut या InShot को देख सकते हैं। हालांकि, ये ओपन सोर्स नहीं हैं, लेकिन फ्री में अच्छी खासी सुविधाएं प्रदान करते हैं।

आप एक फोटो को वीडियो में बदल सकते हैं, और इसके लिए कई सॉफ्टवेयर और ऑनलाइन टूल्स उपलब्ध हैं।

 यहां कुछ विकल्प हैं जिनमें से कुछ ओपन सोर्स भी हैं:

ऑनलाइन टूल्स:

  1. Kapwing - इसमें एक फोटो टू वीडियो कनवर्टर है, जो अपेक्षाकृत सरल है और आपके वेब ब्राउज़र में काम करता है। यह ओपन सोर्स नहीं है, लेकिन फ्री में उपयोग किया जा सकता है।

ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर:

  1. OpenShot - यह एक ओपन सोर्स वीडियो एडिटर है। आप फोटो को इम्पोर्ट कर सकते हैं और उसे वीडियो क्लिप में बदल सकते हैं। आप स्लाइडशो बना सकते हैं या फोटो को स्थिर या मूविंग वीडियो के रूप में उपयोग कर सकते हैं।
  2. Shotcut - इस ओपन सोर्स वीडियो एडिटर में भी आप फोटो को वीडियो में बदल सकते हैं। इसका उपयोग करके आप फोटो को कितने भी समय के लिए डिस्प्ले कर सकते हैं और वीडियो बना सकते हैं।


अन्य सॉफ्टवेयर:

  1. Windows Movie Maker - अगरचे यह अब ऑफिशियली Microsoft द्वारा सपोर्ट नहीं किया जाता, लेकिन अगर आपके पास पुराना वर्जन है, तो यह फोटो से वीडियो बनाने के लिए उपयोगी हो सकता है। यह ओपन सोर्स नहीं है लेकिन फ्री है।


वीडियो की लंबाई:

  • एक फोटो से आप जितने चाहें उतने लंबे वीडियो बना सकते हैं, क्योंकि आप फोटो को वीडियो के एक फ्रेम के रूप में उपयोग कर सकते हैं और उसकी अवधि निर्धारित कर सकते हैं। अगर आप स्लाइडशो बना रहे हैं, तो प्रत्येक फोटो की अवधि को सेट करके वीडियो की कुल लंबाई निर्धारित होगी।


नोट्स:

  • ध्यान रखें कि वीडियो में फोटो को स्थिर रखना या उसमें एनीमेशन जोड़ना (जैसे ज़ूम, पैन, फेड इफेक्ट्स) वीडियो को अधिक दिलचस्प बना सकता है।
  • आप अधिकतर सॉफ्टवेयर में फोटो को लूप करके, या वीडियो की अवधि बढ़ाने के लिए डुप्लिकेट करके भी वीडियो की लंबाई बढ़ा सकते हैं।


फोटो को वीडियो में बदलने की प्रक्रिया में, आपको सॉफ्टवेयर में फोटो को इम्पोर्ट करना होगा, फिर उसे टाइमलाइन पर रखना होगा और अवधि निर्धारित करनी होगी। अधिकांश वीडियो एडिटिंग सॉफ्टवेयर इस प्रक्रिया को सपोर्ट करते हैं।

आप एक फोटो को वीडियो में बदल सकते हैं, और इसके लिए कई सॉफ्टवेयर और ऑनलाइन टूल्स उपलब्ध हैं।

 यहां कुछ विकल्प हैं जिनमें से कुछ ओपन सोर्स भी हैं:


ऑनलाइन टूल्स:

Kapwing - इसमें एक फोटो टू वीडियो कनवर्टर है, जो अपेक्षाकृत सरल है और आपके वेब ब्राउज़र में काम करता है। यह ओपन सोर्स नहीं है, लेकिन फ्री में उपयोग किया जा सकता है।


ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर:

OpenShot - यह एक ओपन सोर्स वीडियो एडिटर है। आप फोटो को इम्पोर्ट कर सकते हैं और उसे वीडियो क्लिप में बदल सकते हैं। आप स्लाइडशो बना सकते हैं या फोटो को स्थिर या मूविंग वीडियो के रूप में उपयोग कर सकते हैं।

Shotcut - इस ओपन सोर्स वीडियो एडिटर में भी आप फोटो को वीडियो में बदल सकते हैं। इसका उपयोग करके आप फोटो को कितने भी समय के लिए डिस्प्ले कर सकते हैं और वीडियो बना सकते हैं।


अन्य सॉफ्टवेयर:

Windows Movie Maker - अगरचे यह अब ऑफिशियली Microsoft द्वारा सपोर्ट नहीं किया जाता, लेकिन अगर आपके पास पुराना वर्जन है, तो यह फोटो से वीडियो बनाने के लिए उपयोगी हो सकता है। यह ओपन सोर्स नहीं है लेकिन फ्री है।


वीडियो की लंबाई:

एक फोटो से आप जितने चाहें उतने लंबे वीडियो बना सकते हैं, क्योंकि आप फोटो को वीडियो के एक फ्रेम के रूप में उपयोग कर सकते हैं और उसकी अवधि निर्धारित कर सकते हैं। अगर आप स्लाइडशो बना रहे हैं, तो प्रत्येक फोटो की अवधि को सेट करके वीडियो की कुल लंबाई निर्धारित होगी।


नोट्स:

ध्यान रखें कि वीडियो में फोटो को स्थिर रखना या उसमें एनीमेशन जोड़ना (जैसे ज़ूम, पैन, फेड इफेक्ट्स) वीडियो को अधिक दिलचस्प बना सकता है।

आप अधिकतर सॉफ्टवेयर में फोटो को लूप करके, या वीडियो की अवधि बढ़ाने के लिए डुप्लिकेट करके भी वीडियो की लंबाई बढ़ा सकते हैं।


फोटो को वीडियो में बदलने की प्रक्रिया में, आपको सॉफ्टवेयर में फोटो को इम्पोर्ट करना होगा, फिर उसे टाइमलाइन पर रखना होगा और अवधि निर्धारित करनी होगी। अधिकांश वीडियो एडिटिंग सॉफ्टवेयर इस प्रक्रिया को सपोर्ट करते हैं।

वीडियो एडिटिंग, और मोशन ग्राफिक्स

  1.  Adobe After Effects - यह एक बहुत ही लोकप्रिय सॉफ्टवेयर है जिसका उपयोग मोशन ग्राफिक्स, वीडियो संपादन और विशेष प्रभाव बनाने के लिए किया जाता है। एनीमेटेड जानवरों के डांस वीडियो बनाने के लिए इसका उपयोग व्यापक रूप से किया जाता है।
  2. Blender - यह एक ओपन सोर्स 3D क्रिएशन सूट है जिसमें मॉडलिंग, रेंडरिंग, एनीमेशन, वीडियो एडिटिंग और कई अन्य सुविधाएं शामिल हैं। इसका उपयोग भी डांस करने वाली पात्रों की एनीमेशन बनाने के लिए किया जा सकता है।
  3. Toon Boom Harmony - यह प्रोफेशनल 2D एनीमेशन सॉफ्टवेयर है जो हैंड-ड्रॉन एनीमेशन की तरह वीडियो बनाने में उपयोग किया जाता है।
  4. Animaker - यह एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है जो उपयोगकर्ताओं को आसानी से एनीमेशन और वीडियो बनाने की अनुमति देता है। इसका उपयोग इन प्रकार के वीडियो के लिए भी किया जा सकता है।
  5. Powtoon - इसका इस्तेमाल भी एनिमेटेड वीडियो बनाने के लिए किया जा सकता है, हालांकि यह ज्यादातर प्रेजेंटेशन और शैक्षिक वीडियो के लिए लोकप्रिय है।
  6.  Stop Motion Studio (मोबाइल ऐप) - अगर आप वास्तविक जानवरों या ऑब्जेक्ट्स को मूव कराके एक स्टॉप मोशन डांस वीडियो बनाना चाहते हैं, तो इस एप्लिकेशन का उपयोग कर सकते हैं।


इन सॉफ्टवेयर्स में से कई प्रोफेशनल उपयोग के लिए हैं और उनका लर्निंग कर्व हो सकता है, लेकिन वे उच्च-गुणवत्ता वाले एनीमेटेड वीडियो बनाने की क्षमता रखते हैं। वीडियो बनाने की प्रक्रिया में आमतौर पर शामिल होता है:


  • एनीमेशन का निर्माण - पात्रों की आकृतियों को बनाना या पूर्व-निर्मित चरित्रों का उपयोग करना।
  • मोशन ग्राफिक्स - चरित्रों को डांस करने के लिए एनिमेट करना।
  • वीडियो एडिटिंग - दृश्यों को संपादित करना, संगीत या ध्वनि जोड़ना, और ट्रांजिशन्स लगाना।


साथ ही, ध्यान दें कि कई लोग अपने वीडियो के लिए कस्टम एनीमेशन बनाने के बजाय ऑनलाइन उपलब्ध प्री-मेड टेम्प्लेट्स या एनीमेटेड GIFs का भी उपयोग कर सकते हैं।

Quotes इमेजेस जनरेट करने के लिए Open Source Software उपलब्ध हैं जो आपको प्रोफेशनल और एस्थेटिक इमेजेस बनाने की अनुमति देते हैं।

यहां कुछ विकल्प हैं:

  1. GIMP - यह एक पावरफुल ओपन सोर्स ग्राफिक्स एडिटिंग सॉफ्टवेयर है जिसका उपयोग आप कोट्स के साथ इमेजेस बनाने के लिए कर सकते हैं। इसमें टेक्स्ट टूल्स और विभिन्न प्रभाव हैं जो आपको इमेजेस को सजाने में मदद कर सकते हैं।
  2. Inkscape - यह एक ओपन सोर्स वेक्टर ग्राफिक्स एडिटर है। आप इसका उपयोग करके टेक्स्ट और ग्राफिक्स को संयोजित कर सकते हैं और अपने कोट्स के लिए आकर्षक इमेजेस बना सकते हैं।
  3. Canva (ओपन सोर्स नहीं, लेकिन वेब-आधारित फ्री टूल्स प्रदान करता है) - हालांकि यह सख्ती से ओपन सोर्स नहीं है, Canva कई फ्री टूल्स और टेम्पलेट्स प्रदान करता है जो कोट्स इमेजेस बनाने में मदद करते हैं। यह वेब-बेस्ड है और डिज़ाइन करना आसान बनाता है।
  4. Krita - आमतौर पर पेंटिंग और डिजिटल आर्ट के लिए जाना जाता है, लेकिन क्रिटा भी टेक्स्ट ऐड करने की सुविधा देता है, जिससे आप अपने कोट्स के साथ इमेजेस तैयार कर सकते हैं।
  5. Quozio - हालांकि यह ओपन सोर्स नहीं है, यह एक ऑनलाइन टूल है जो कोट्स को आकर्षक पोस्टर में बदलने के लिए जाना जाता है। यह उपयोग में आसान है और विभिन्न फॉन्ट्स और बैकग्राउंड्स प्रदान करता है।

ओपन सोर्स कोट्स जनरेटर: 
जबकि विशेष रूप से कोट्स इमेजेस के लिए ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर कम हो सकते हैं, आप ओपन सोर्स प्रोग्रामिंग लाइब्रेरीज या फ्रेमवर्क्स जैसे कि PIL (Python Imaging Library) या ImageMagick का उपयोग करके स्वयं का एक सॉफ्टवेयर या स्क्रिप्ट बना सकते हैं जो कोट्स इमेजेस जनरेट करे।

  • PIL (Pillow) का उपयोग करके आप Python में एक प्रोग्राम लिख सकते हैं जो कोट्स के साथ इमेजेस बनाता है।
  • ImageMagick कमांड लाइन टूल्स के माध्यम से टेक्स्ट के साथ इमेजेस बनाने के लिए उपयोग किया जा सकता है।

ये टूल्स आपको या तो मैन्युअली डिज़ाइन करने या प्रोग्रामेटिकली इमेजेस बनाने की सुविधा देते हैं, जिससे आप अपने कोट्स को सुंदर विजुअल में बदल सकते हैं।

Saturday, August 12, 2023

A YouTuber needs a variety of software tools to create, edit, and manage their content effectively. Here are some essential software options in both English and Hindi:

1. Video Editing Software (वीडियो संपादन सॉफ़्टवेयर):
English: Adobe Premiere Pro, Final Cut Pro, DaVinci Resolve
Hindi: एडोब प्रीमियर प्रो, फाइनल कट प्रो, दाविंसी रिज़ॉल्व

2. Graphic Design and Thumbnail Creation (ग्राफिक डिज़ाइन और थंबनेल बनाने के लिए सॉफ़्टवेयर):
English: Adobe Photoshop, Canva, GIMP
Hindi: एडोब फ़ोटोशॉप, कैनवा, गिम्प

3. Audio Editing Software (ऑडियो संपादन सॉफ़्टवेयर):
English: Adobe Audition, Audacity
Hindi: एडोब ऑडिशन, ऑडैसिटी

4. Screen Recording and Capturing (स्क्रीन रिकॉर्डिंग और कैप्चरिंग):
English: OBS Studio, Camtasia
Hindi: ओबीएस स्टूडियो, कैमटेशिया

5. Keyword Research and SEO Tools (कीवर्ड अनुसंधान और एसईओ उपकरण):
English: Google Keyword Planner, TubeBuddy, VidIQ
Hindi: गूगल कीवर्ड प्लानर, ट्यूबडी, विडआईक्यू

6. Social Media Management (सोशल मीडिया प्रबंधन):
English: Hootsuite, Buffer
Hindi: हूटस्वीट, बफर

7. Livestreaming Software (लाइवस्ट्रीमिंग सॉफ़्टवेयर):
English: Streamlabs OBS, XSplit
Hindi: स्ट्रीमलेब्स ओबीएस, एक्सस्प्लिट

8. Video Analytics and Insights (वीडियो विश्लेषण और अनुभव):
English: YouTube Analytics, Google Analytics
Hindi: यूट्यूब एनालिटिक्स, गूगल एनालिटिक्स

These are just a few examples of the essential software tools that a YouTuber may need for various aspects of their content creation and management process. The choice of software may vary based on individual preferences, budget, and specific requirements.

To rank a YouTube channel first in search results, you need to focus on several key factors. Here's how you can do it:

1. Optimized Titles and Descriptions (उचित शीर्षक और विवरण): Use relevant keywords in your video titles and descriptions that accurately describe your content. This helps YouTube's algorithm understand what your videos are about and when to display them in search results.

2. High-Quality Content (वीडियो की गुणवत्ता): Create high-quality and engaging content that captures viewers' attention and encourages them to watch for longer durations. This can positively impact your video's ranking.

3. Video Length (वीडियो सामग्री की लंबाई): While not a strict rule, longer videos tend to perform better in search results. Aim to provide valuable and comprehensive content that keeps viewers engaged.

4. Tags and Categories (वीडियो टैग और श्रेणियाँ): Properly tag your videos with relevant keywords and select appropriate categories. This helps YouTube categorize your content and display it to the right audience.

5. Consistency (समय सीमा): Regularly upload new and relevant content to your channel. Consistency signals to YouTube that your channel is active and provides fresh content for viewers.

6. Audience Engagement (उपयुक्त सामग्री): Create content that resonates with your audience, encourages likes, comments, shares, and subscriptions. Higher audience engagement can signal to YouTube that your videos are valuable.

7. Promotion and Social Media (प्रोमोशन और सोशल मीडिया): Promote your videos on social media platforms to attract more viewers and increase visibility. Social media sharing can drive traffic to your channel.

8. Audience Interaction (दर्शक संवाद): Interact with your audience by responding to comments and feedback. Engaged viewers are more likely to return to your channel and engage with your content.

Remember that YouTube's algorithm is complex and constantly evolving, so staying updated with changes and adapting your strategies accordingly is essential. By implementing these practices consistently and creating valuable content, you can increase your chances of ranking your YouTube channel higher in search results.

Tuesday, August 21, 2018

Bonafide Guidelines मूल निवास दिशानिर्देश

मूल निवास के लिय आवेदन के लिए निर्देशिका (कियोस्क स्तर )

1. sso.rajasthan.gov.in पोर्टल पर लॉग इन करें |

2. e-Mitra New आईकान पर क्लिंक करें |

3. सर्विसेज आप्शन  भें  जा कर  लाभ सेवा अनुप्रयोग पर क्लिंक करें |


4. सर्च बोक्स में  bonafide लिख कर सर्विस पर क्लिंक करें |

5. आवेदक का भामाशाह  आईडी, आधार आईडी या  इ मित्र पंजीकरण संख्या दर्ज कर “विस्तार ” बटन पर  क्लिंक करें , जिससे प्रोफाइल पेज खुल जायेगा जिसमे अपनी जानकारी दर्ज कर “सेव” बटन  पर क्लिंक करे  तथा “अगला ”बटन पर क्लिंक करें  |

6. जिसके बाद निम्ना  दिखाए अनुसार मूल निवास के लिए आवेदन पत्र दिखाई देगा जिसमे की आवेदन से सम्बंधित सम्पूर्ण विवरण भरें तथा दस्तावेज संलग्न करें |

7. आवेदन पत्र भर  जाने के पश्चात पूरी तरह से जांच लेवें तथा सेव पर क्लिंक करें तथा भुगतान प्रक्रिया पूर्ण कर आवेदन पूर्ण करें |

8. Approved किये गए मूल निवास को प्रिंट करने के लिए  Avail Service आप्शन का चयन कर  Revenue Department के अंतर्गत  Print Bonafide Certificate के सेवा का चयन कर Approved किये गए मूल निवास का  Transaction Number दर्ज करे  तथा भुगतान की प्रक्रिया पूर्ण कर प्रिंट निकालें |

Wednesday, March 29, 2017

गूगल की नई सर्विस का फायदा उठाकर कंप्यूटर में महारथ हासिल करे



 

इंटरनेट ऐसी दुनिया है जिसका इस्तेमाल हर कोई किसी ना किसी रूप में करता ही है लेकिन बहुत से लोग ऐसे भी है जिन्हे इंटरनेट के इस्तेमाल की जानकारी नहीं होती इनमे से ज्यादातर महिलाए होती है ऐसी ही महिलाओं को ध्यान में रखते हुवे गूगल ने अपनी नयी सर्विस शुरू की है जिसे आप यहाँ क्लीक करके देख सकते है गूगल अपनी इस सर्विस के द्वारा महिलाओं के लिए इंटरनेट पर पहुच बनाना आसान बना देगा इस वेबसाइट के जरिये गूगल इंटरनेट से जुडी हर वो जानकारी देगा जिसे देखने के बाद आप बहुत ही आराम से इंटरनेट और कंप्यूटर का इस्तेमाल कर सकते है इसी से जुड़े कुछ लिंक मैं भी निचे दे रहा हु जिस पर क्लीक करके आप विडियो देख सकते है


कंप्यूटर की जानकारी 
अपना कंप्यूटर चालू और बंद करना
अपने कंप्यूटर स्क्रीन का रंग और चमक ठीक करना
कम्प्यूटर का वॉल्यूम अड्जस्ट करना
इंटरनेट पर माइक द्वारा लोगो से बात करें
दूसरे ऑॅन्लाइन व्यक्ति को वेब कैम द्वारा देखें
अपने कंप्यूटर की घड़ी पर समय बदलना
फ़ाइलों को एक कंप्यूटर से दूसरे में डालना
अपने कंप्यूटर स्क्रीन का रूप बदलें 
इंटरनेट से शब्दों को कॉपी और पेस्ट करना 


इंटरनेट की जानकारी
इंटरनेट ब्राउज़र से इंटरनेट पर जाना
ऑॅन्लाइन जानकरी खोजना
एक समय पर अनेक साइटों का इस्तेमाल
मैप्स को ऑन्लाइन देखना और इस्तेमाल करना 
इंटरनेट पर बिज़नेस के फ़ोन नम्बर खोजना
इंटरनेट पर रेस्टौरेन्ट्स खोजना
इंटरनेट पर खाना बनाने कि विधी खोजना 
ठीक से पढ़ने के लिए अक्षरों को बड़ा या छोटा करना 
फ़ाइल्स को इंटरनेट से कम्प्यूटर पर सेव करना
वेब पेजेज़ को बुकमार्क करना 
इन्टरनेट के लिए सही पासवर्ड्स चुनना
ब्राउज़र खुलने पर पहली कौन सी वेबसाइट देखना चाहते हैं 
Chrome डाउनलोड करना


चैट और ईमेल 
ईमेल आई डी बनाना
ईमेल भेजना और प्राप्त करना
इंटरनेट पर चैट करना 
इंटरनेट पर वीडियो के माध्यम से बात करना 
ईमेल के द्वारा फाइलें भेजना 
फ़ोन पर ईमेल देखना
हानिकारक इमेल्स से सावधान 


विडियो ऑनलाइन 
इंटरनेट पर वीडियो देखना 
इंटरनेट पर वीडियो शेयर करना 


भाषाए 
अपनी भाषा में ईमेल भेजना 
भाषा अनुवाद के लिए इंटरनेट का प्रयोग


ये वो लिंक है जिन्हे देखने के बाद आप लोग भी कंप्यूटर और इंटरनेट का इस्तेमाल करने में माहिर हो जाओगे अगर आप इन विडियो को डाउनलोड करके अपने पीसी में सेव रखना चाहते हो तो  विडियो को अपने सिस्टम में हमेशा के लिए सेव कर ले ताकि आप ओरो को भी ये विडियो दिखा कर कंप्यूटर और इंटरनेट का ज्ञान दे सको

Saturday, December 24, 2016

रेल यात्रा के दौरान ये नंबर जरुर सेव कर लें



यदि आप ट्रेन से सफ़र कर रहे है तो कुछ नंबर आपके मोबाइल पर जरुर सेव किये हुए होने चाहिए, आइये जानते है क्या है नंबर और उनका उपयोग :
 
  • यदि आप ट्रेन से सफ़र कर रहे है तो कुछ नंबर आपके मोबाइल पर जरुर सेव किये हुए होने चाहिए, आइये जानते है क्या है नंबर और उनका उपयोग :
    • 1512  -  यदि यात्रा के दौरान आपके या आपके किसी भी सहयात्री के साथ कोई असामाजिक तत्व अपराधिक कृत्य करते है, तो इस नंबर पर कॉल करके आप अपनी शिकायत रेलवे पुलिस के साथ दर्ज करवा सकते है| आपकी शिकायत तुरंत नजदीकी रेलवे स्टेशन पुलिस तक पहुँच जाएगी| इस हेल्पलाइन के बाद आपको इन प्रकार की शिकायत के लिए किसी भी स्टेशन पर रुकने या उतरने की कोई आवश्यकता नहीं होगी | 
    • 139-भारतीय रेल की पूछताछ सेवा के इस नंबर पर आप रेल आरक्षण, समय इत्यादि किसी भी प्रकार की जानकारी हासिल कर सकते है | 
    • IRCTC ग्राहक सेवा नंबर : IRCTC पर किसी भी प्रकार की पूछताछ या जानकारी के लिए आप उनके इन कस्टमर केयर के नंबर पर कॉल कर सकते है
      • 011-23340000, 011-23345500, 011-23344787
      • 1800-111-139  ( टोल फ्री )
      • दिल्ली/ एनसीआर : 011-39340000 
      • चेन्नई : 044-2530-0000
      • अहमदाबाद : 079-2530-0000
      • बैंगलोर : 080-2530-0000
      • चंड़ीगढ़ : 172-2530-0000
      • हैदराबाद : 040-2530-0000
      • मुंबई : 022-2530-0000
    • IRCTC के खाने से सम्बन्धी शिकायत के लिए : 1800-111-321
    • IRCTC  कैटरिंग कस्टमर केयर : 1800-1034-139, 0120-4383892~99

Monday, May 30, 2016

Service Center Details


Company Name Toll Free No. / Website Name
Cisco Systems 1800-22-1777
http://www.cisco.com/in
Dell (all consumer products) 1800-425-0088, 080-2510-7901
Timing : Monday to Friday, 9:00 AM to 6:00 PM
Dell (printer technical support) 1800-212-0000, 080-9500-1212/1313
dellindia_printersupport@dell.com
Timing: Monday to Saturday 9:00 AM to 6:00 PM
Epson Helpline 1800-425-0011
39001600
http://www.epson.co.in
HP 1800-425-4999 , 1800-11-2267
http://www.hp.com/in
Microsoft 1800-11-1100, 1800-102-1100
http://www.microsoft.com/india
Wipro 1800-345-3312
http://www.wipro.in
Acer 1800-103-2237, 1800-11-6677
011-26383175, 011-26186547/48
http://www.acer.co.in
Adrenalin 1800-44-4445
Allsec Technologies 1800-425-5732
AMD 1800-425-6664
http://www.amd.com
Apple Computer (Mac) 1800-425-4683
Data One Broadband 1800-424-1800
Frontech 1800-345-3030
http://www.frontechonline.com
Genesis Tally Academy 1800-444-888
IBM 1800-425-3336
Lenovo IDEA : 1-800-3000-5366
THINK : 1-800-3000-8465
Lexmark 1800-22-4477
http://www.lexmark.com
Sahara Computers 1800-180-7235
SSI Education 1800-22-1550
Symantec 1800-44-5533
TVS Electronics 1800-200-5123, 1800-425-4566
http://www.tvs-e.com
WeP Peripherals 1800-425-9494, 1800-446-446
http://www.wepindia.com
Zenith Computers 1800-222-004
http://www.zenithpc.com
Webex 1800-425-3535
http://www.webexindia.com
Accel Frontline 1800-425-4535
http://www.accelfrontline.in
Tally Solutions 1800-22-8859, 1800-425-8859
http://www.tallysolutions.com
SQL Star 1800-425-2944
http://www.sqlstar.com
Toshiba India 1800-11-8674, 1800-200-8674
http://www.toshiba-india.com
India AntiVirus 1800-209-5550
http://www.indiaantivirus.com

Saturday, January 30, 2016

ATM मशीन से रकम नहीं निकला जब कि आपके खाते से भुगतान हो गया | अब आप क्या करेंगे?



ATM आज हर इन्सान इस नाम से वाकिफ है| अगर किसी को अपने बैंक अकाउंट से रुपया निकलना होता है तो इसी ATM कार्ड का इस्तेमाल कर के भारत के किसी कोने में बिना वक़्त बर्बाद किये हुवे रुपया निकल लेता है|
इस ATM कार्ड के बदौलत आज हम बहुत सारा कीमती वक़्त बच जाता है जो पहले बैंको में लगने वाली लम्बी-लम्बी लाईनों में बर्बाद हो जाता था |
लेकिन अगर इस ATM कार्ड का इस्तेमाल सावधानी पूर्वक नहीं किया जाये तो बहुत बड़ी मुसीबत खड़ी हो सकती है |इसलिए ATM कार्ड किसी को देना नहीं चाहिए इसके पिन नम्बर को किसी दुसरे को बताना नहीं चाहिए या फिर पिन नम्बर को कही लिख के नहीं रखना चाहिए | सारी सावधानि बरतने के बाद भी एक ऐसी समस्या है जो आपके न चाहते हुवे भी इसका सामना करना पड़ सकता है |
जीहा, कई बार ऐसा होता है की हम ATM कार्ड के द्वारा पैसा निकाल ने जाते है लेकिन पूरी प्रक्रिया के बाद पैसा नहीं निकलता है और हमारे अकाउंट में निकाला गया दर्शाता है जिसको हम कहते है की "अरेयार ATM मशीन से पैसा नहीं निकला फस गया" |
अगर कभी आपके साथ ऐसा हो जायेतो?????



ATM काउंटर पर कस्टमर केयर का नम्बर दिया होता है उस पर काल करके कम्प्लेन दर्ज कराएँ और ATM से निकली हुई रसीद को संभल के रखलें | इस के बाद आपका अकाउंट जिस बैंक का है उसको एक लिखित आवेदन पत्र के द्वारा जिसमे आपके खाते का विवरण हो, जिस ATM में आपका पैसा फसा था उसका विवरण हो ,और उस तारीख का विवरण हो जिस दिन ये घटनाक्रम आपके साथ घटा था की जान कारी दे और उस की एक पावती {रिसीविंग} आप ज़रूर ले लें | शिकाएत दर्ज कराने के बाद आमतौर पर बैंक समस्याओ के समाधान के लिए 7 दिन का वक़्त मांगते है लेकिन अगर आपके समस्या को समय सीमा के अंदर नहीं सुलझाया गया तो फिर आप बैंकिंग लोकपाल या उपभोक्ता अदालत में शिकाएत दर्ज करा सकते हैं |


रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया के दिशा निर्देशों के अनुसार बैंकिंग लोकपाल में शिकाएत करने के बाद लगभग 15 दिनों के अंदर विवाद

का निराकरण किया जाना चाहिए और अगर समाधान में 15 दिनसे ज्यादा लगे तो आप 100/-प्रतिदिन के हिसाब से जुरमाना मांग सकते हैं |अगर बैंकिंग लोकपाल के द्वारा आपकी समस्या हल नहीं हुई तो आप अंतमें उपभोक्ता अदालत में जा सकते हैं |

Friday, January 29, 2016

पैन के लिए आवेदन कैसे करना चाहिए - Pan application in hindi

Pan application in hindi procedure – पैन का आवेदन केवल फार्म 49A पर ही किया जाना चाहिए । जो आयकर विभाग की website से free में डाउनलोड किया जा सकता है पैन आवेदन (फॉर्म 49A) आयकर विभाग या UTIISL या एनएसडीएल की वेबसाइट (www.incometaxindia.gov.in, www.utiisl.co.in या tin.nsdl.com) से डाउनलोड किया जा सकता है या आप किसी भी local दुकानदार से जंहा पर इन्टरनेट की सुविधा हो से भी आप ये फॉर्म प्राप्त कर सकते है स्थानीय प्रिंटर द्वारा मुद्रित या फोटोकॉपी (A4 आकार के 70 जीएसएम कागज पर) किया जा सकता है या किसी अन्य स्रोत से प्राप्त किया जा सकता है। यह फॉर्म आईटी पैन सेवा केन्द्रों और टिन सुविधा केन्द्रों पर भी उपलब्ध है। आवेदन करने के बाद आपको एक नंबर दिया जाता है, जिससे आप पता कर सकते हैं कि आपका पैनकार्ड बनने की प्रक्रिया का स्‍टेटस क्‍या है। यानी पैन कार्ड घर पहुंचने में कितने दिन लगेंगे, आदि। पैन कार्ड बनवाने में कुल 105 रूपये फीस है जो आपसे income tax department लेता है जबकि एप्लीकेशन को डाउनलोड कर और सभी दस्तावेज को साथ लगाकर उसे स्पीड पोस्ट द्वारा भेजने में 25-50 रूपये कर खर्च आता है इसका मतलब आप 150-200 रूपये में अपना pan card बनवा सकते है |



आप ऑनलाइन भी इसके लिए apply कर सकते है और इसके अलावा आप अगर राजस्थान से belong करते है तो आपको बता दूँ राज्य के सभी ईमित्र केन्द्रों पर भी pan card बनाने की सुविधा प्रारम्भ कर दी गयी है इसलिए आप वंहा से भी भी pan card के लिए आवेदन कर सकते है अधिक जानकारी के लिए नजदीकी ईमित्र केंद्र पर सम्पर्क करें |

Concentration (एकाग्रता) है जरुरी सफलता के लिए

जिन्दगी (life) में किसी भी लक्ष्य (goal) को प्राप्त करने के लिए हर चीज़ जितनी जरुरी होती है उसमे से एक है एकाग्रता (Concentration) यानि के किसी चीज़ को लेकर पूरी तरह समर्पण (dedication) और अगर किसी साधारण मनुष्य में एकाग्रता (Concentration) है तो वह बहुत कुछ प्राप्त कर सकता है और अगर किसी असाधारण गुणों (extraordinary) वाले इन्सान में एकाग्रता (Concentration) की कमी है तो हो सकता है वह अपने लक्ष्य (goal) को प्राप्त करने में असफल हो इसलिए एक कहानी के माध्यम से हम आपको इस बारे थोडा और बताना चाहेंगे –

Concentration is key of success in hindi

एक आदमी (man) एक सर्कस में काम करता था और उसके बारे में मशहूर था कि वो किसी भी खतरनाक से खतरनाक जानवर को भी थोड़ी ही देर में पालतू बना सकता था और इसलिए सर्कस में बहुत सारे ऐसे जानवर थे जो उस व्यक्ति के इशारों पर नाचते थे इसलिए एक नौजवान जो कि जानवरों के हाव भाव पर अध्ययन कर रहा था उसे इस बारे में जानने की इच्छा हुई कि आखिर वो ऐसा कर कैसे पाता है |

 
success key Concentration
इस पर उसने उस आदमी (man) से बातचीत की तो उसने कहा आप सही समय पर आये है मैं अभी एक शेर (lion) को पालतू बनाने और उसकी हिंसक प्रवृति पर काबू पाने के लिए जा रहा हूँ और उसने नौजवान को अपने साथ ले लिया | नौजवान ने देखा उस आदमी (man) ने अपने साथ सिवाय एक लकड़ी के स्टूल के कुछ नहीं लिया और थोड़ी देर बाद वो शेर (lion) के साथ उसके पिंजरे में था | शेर (lion) ने जैसी ही उसे देखा तो दहाड़ कर उसकी और लपका तो उसने स्टूल को शेर (lion) के आगे कर दिया और शेर (lion) का ध्यान स्टूल के चारो पायों पर केन्द्रित हो गया लेकिन फिर भी शेर (lion) किसी एक पाए पर अपना ध्यान नहीं कर पाया और थोड़ी देर की जहमत के बाद उस आदमी (man) ने शेर (lion) की हिंसक प्रवृति पर काबू कर लिया और उसे पालतू बना लिया |
 इसी तरह उस आदमीं ने बताया की चूँकि जैसे शेर (lion) के साथ हुआ इसी तरह हम लोग जिन्दगी में किसी एक लक्ष्य पर अपना ध्यान केन्द्रित नहीं करते है इसी वजह से चीज़े हमारे बस से बाहर हो जाती है और हम वो प्राप्त नहीं कर पाते जो हमे चाहिए होता है हम शेर (lion) की तरह चारो तरफ ध्यान करते है जिसकी वजह से लक्ष्य हमसे दूर हो जाता है | अब नौजवान ने भी एक बड़ा सबक सीखा की साधारण क्षमता वाला मनुष्य भी अगर अपने लक्ष्य को साध लें तो उसके लिए चीज़े आसान हो जाती है वन्ही असाधारण क्षमता वाला मनुष्य भी कभी कभी इस वजह से कुछ नहीं कर पाता है क्योंकि वो अपना ध्यान भटका लेता है और सफल (success) नहीं हो पाता जबकि हम अपने लक्ष्य निर्धारित करके अगर एकाग्रता के काम करते है सफलता (success) तय है | हम कह सकते है की concentration एक तरह से  key है  success होने के लिए | 

सफलता पाने के 8 सूत्र – Top success formula in Hindi

Know success formula Hindi– दुनिया में दो ही तरह के लोग है एक तो वो जो सफल है और दूसरे वो जो नहीं है जिनकी तादाद सफल लोगो से कंही ज्यादा है इसका साफ मतलब है जो लोग हमारी तुलना में सफल है वो लोग कुछ तो अलग करते ही है जो असफल होने वाले लोग नहीं करते है और किसी भी व्यक्ति का व्यापार में सफल होने के पीछे एक कहावत है कि ” किसी व्यापार में सफल होने के लिए कोई ऐसा तथ्य जानना होता है जो बाकि के लोग नहीं जानते है ऐसे ही सफल होने वाले लोगो के नेचर में भी कुछ खास बातें होती है जो उन्हें सफल बनाती है  | लेकिन फिर भी कुछ बुनियादी चीज़े है जिनका ध्यान रखकर अगर हम जिन्दगी में आगे बढ़ते है तो काफी हद तक सफलता के करीब पहुँच सकते है चलिए इस बारे में आगे बात करते है –
किसी को बीच में नहीं टोके – अगर आप सच में सफल होना चाहते है तो एक बात का हमेशा ध्यान रखें कि किसी भी व्यक्ति को बीचे में नहीं टोके जब तक वो अपनी बात पूरी नहीं कर लेता है | एक अच्छा श्रोता बने और लोगो को ध्यान से सुने और कोशिश करे कि उनकी सफल असफ़ल कहानियों के बीच में आपके काम आ सकने वाले फैक्टर्स खोजे और देखें लोगो ने क्या गलतियाँ की है और उनसे सीखने की कोशिश करे |


success formula

मना करना सीखें – सफल लोगो में एक सबसे अलग बात जो होती है वो ये है कि वो लोग जानते है कि मना केसे किया जाता है इसलिए वो ऐसे ही सामने वाला नाराज नहीं हो इसके डर से फालतू की जिम्मेदारियां नहीं लेते है |क्योकि उन्हें पता है उन्हें किस तरह से काम करना है इसलिए अपने काम के आड़े आने वाली किसी भी जिम्मेदारी को जो उनकी जरूरतों से बाहर की होती है को लेने से बचते है |
गोसिप से बचे – किसी भी गोसिप का हिस्सा बनकर समय खराब नहीं करें क्योंकि आप जानते है आपको क्या करना है इसलिए गॉसिप का हिस्सा बनाकर समय खराब करना कोई समझदारी नहीं है | जो किसी और के बारे में बात करता है जाहिर सी बात है आपके बारे में भी बात करता ही  होगा | सफल लोग खुलकर बात करते है |दूसरों की चर्चा में समय बर्बाद करना एक बड़े स्तर की बेवकूफी है |

सही समय पर शुरुआत करें – सफल लोग अपने दिन की planing दिन के शुरुआत के साथ कर लेते है कि पूरे दिन भर उन्हें किस तरीके से काम करना है और किस को प्राथमिकता देनी है इसलिए वो लोग जल्दी उठते है अपना दिन प्लान करते है और किसी भी मीटिंग में देर से नहीं जाते है | समय की यही पाबन्दी उन्हें बाकि लोगो से अलग कर देती है |
भावनाओं पर काबू रखें – ऐसे लोग दूसरे लोगो के कम को judge करने की बजाय अपने काम पर ध्यान देते है और इसलिए वो लोग अन्य सफल लोगो से प्रेरणा लेते हुए मंजिल की और बढ़ते जाते है | अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखते हुए वो किसी के कम में कमियां निकालने की बजाय अपने काम और skills में इम्प्रूवमेंट करते जाते है जिसका नतीजा बाद में उन्हें सफलता के रूप में प्राप्त होता है |
अतीत को हावी होने न दे – जिन्दगी में हर कोई सफल पैदा नहीं होता और हर किसी को अपनी जिन्दगी खुद से बनानी होती है और जब हम अपने लिए ऐसा करते है तो बहुत सम्भावना है कि हम गलतियाँ भी करते है लेकिन ऐसे में अपनी गलतियों से सबक लेना चाहिए आपके आज के काम के बीच में अपने अतीत की गलतियों को कभी आड़े नहीं आने दे |
किसी की नक़ल नहीं करें – सफल व्यक्ति बाकि लोगो से प्रेरणा तो लेते है लेकिन वो उनके जेसे बनने की कोशिश नहीं करते है | वो अपने सरल सहज और मूल स्वाभाव में बने हुए हमेसा कुछ न कुछ रचनात्मक करने की कोशिश करते है |
दोष नहीं दें – आज के दौर में जो लोग सफल है उन्हें विरासत में कुछ अधिक नहीं मिला था और उन्होंने अपना साम्राज्य खुद ही खड़ा किया है इसलिए ऐसा नहीं सोचे कि आपके पास समय कम है या संसाधन कम है बल्कि पूरे उत्साह से अपनी दिशा में काम करें ।
ये कुछ खासियतें है जो सफल लोगो को असफल लोगो की भीड़ से अलग करती है अगर आप भी इनमे से कुछ अपने में डेवलप कर पाने के सक्षम होते है तो आप भी जिन्दगी में उन्ही की तरह ऊँचाई को छू सकते है और भीड़ से अलग हो सकते है । 

Caste certificate rajasthan -jati praman patra form in hindi pdf (जाति प्रमाण पत्र राजस्थान)

Caste certificate rajasthan – जाति प्रमाण पत्र उस स्थिति में अतिआवश्यक है जब कभी अगर आप आरक्षण का लाभ लेना चाहते हो क्योंकि जाति प्रमाण पात्र आपकी एक तरह से eligibility दिखाता है अगर आप जातिगत आरक्षण के योग्य है विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए |
आप जाति प्रमाण पत्र दो तरीको से बनवा सकते है |
पहला आप अपने से सम्बन्धित तहसील कार्यालय में इसके लिए आवेदन कर सकते है |
दूसरा आप किसी भी नजदीकी ईमित्र केंद्र पर इसके लिए अप्लाई कर सकते है |
शुल्क – तहसील कार्यालय में जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने के लिए कोई भी शुल्क नहीं है जबकि ईमित्र केंद्र पर अगर आप इसके लिए आवेदन करते है तो आपको निर्धारित दर के अनुसार शुल्क वहन करना होता है इसकी अधिक जानकारी के लिए आप अपने नजदीकी ईमित्र केंद्र पर सम्पर्क कर सकते है |
कैसे करें आवेदन – बड़ा ही आसान काम है इसके लिए

  1. नीचे दिए गये links में से अपने जाति की category के अनुसार फॉर्म को डाउनलोड करें |
  2. उसमे अपनी पासपोर्ट साइज़ फोटो को चस्पा करें |
  3. रूपये दो की रसीदी टिकेट पर लगायें |
  4. दिए गये कालम के अनुसार सक्षम जन प्रतिनिधियों से अपनी भरी गयी जानकारी का सत्यापन करवाएं |
  5. उसके बाद उसे तहसील या किसी नजदीकी ईमित्र केंद्र पर जमा करवा दें |
ईमित्र केंद्र पर आवेदन जमा करवाने के बाद अपनी रसीद लेना नहीं भूले क्योंकि उस पर उसका टोकन नंबर दिया होता है जिस से आप मोबाइल में ईमित्र की एप्लीकेशन के जरिये अपने आवेदन की स्थिति चेक कर सकते है | मोबाइल में ईमित्र की सुविधाओं का लाभ लेने के लिए आप ईमित्र की एप्लीकेशन को अपने phone पर download कर सकते है | ईमित्र की एप्लीकेशन से बिजली और पानी तथा टेलीफोन में bill आप घर बैठे भर सकते है |

  

कैसे करें फ्री में कॉल - Free call trick in hindi

Free call trick in hindi – वैसे कहावत है कि free में कुछ भी नहीं मिलता है जो सच भी है लेकिन मैं ये भी कहता हूँ कि हो सकता है ‘Trial में आपको आपकी उम्मीद से कुछ ज्यादा मिले |’  क्योंकि internet पर बहुत सारी website है जो free कालिंग के लिए offer करती है और उनमे से बहुत सारी वो website भी है जो एक बार account create करने के बाद आपको कुछ minute के लिए free calling value देती है |
लेकिन किसी website पर बार बार account create करने के झंझट से तो अधिक सस्ता हमारी 60p/minute वाली call rate से की जाने वाली phone कॉल ही अच्छी है लेकिन फिर एक website है जो बिना acount बनाये ही आपको उसके डैशबोर्ड से free में कॉल करने की सुविधा देती है और आप भारत समेत किसी भी देश में कॉल कर सकते है | साथ ही बाकि free calling websites की तरह इसकी calling क्वालिटी भी उतनी खराब नहीं है सो आप अच्छे से बात तो कर ही सकते है |

कैसे करें कॉल – सबसे पहले https://call2friends.com/ पर जांए तो वंहा पर आपको नीचे photo में दिया गया एक dialpad मिलेगा

 
free call trick in hindi

vnha country code के साथ किसी का भी phone number इंटर करें और उसके बाद Green button पर क्लिक कर दें | इसके बाद आपको उस कॉल कर की जा सकते वाली free call की अवधि को बताया जायेगा और आप उतनी देर तक अपने किसी भी दोस्त को free में कॉल कर सकते है | या जब आपके phone में बैलेंस नहीं हो तो कॉल back की request कर सकते है | हालाँकि आप एक दिन में एक या दो ही कॉल कर सकते है लेकिन free में तो मेरे ख्याल से ये इतना भी बुरा नहीं है |

 आपको ये जानकारी कैसी लगी कृपया अपनी कमेन्ट के माध्यम से अवश्य बताएं |

How to get e mitra agency - ईमित्र कीओस्क कैसे लें

Get e mitra agency – ईमित्र राजस्थान सरकार द्वारा संचालित एक एकीकृत online initiative है जिसका उद्देश्य है राजस्थान से सभी सरकारी विभागों से जुडी सेवायों को किसी एक कीओस्क के जरिये आम जनता को उपलब्ध करवाना | शुरू ने जब ये सेवा शुरू की गयी थी इसमें इतनी अधिक सेवाये नहीं थी इसलिए यह एक useful project साबित नहीं हो रहा था लेकिन उसके बाद हैरानी जनक संख्या में बहुत सी सेवायों को ईमित्र से जोड़ दिया गया जिसमे शामिल है |
  1.  बिजली के बिल
  2. पानी के बिल
  3. भामाशाह कार्ड
  4. पैन कार्ड
  5. आधार कार्ड
  6. राशन कार्ड 
  7. विभिन्न परीक्षायों से जुडी फीस भी भरी जा सकती है
  8. मूल निवास /जाति प्रमाण पत्र
  9. रोजगार पंजीयन आदि
और भी बहुत सारी सेवाएँ है जिनको आप ईमित्र कीओस्क से प्राप्त कर सकते है इसलिए ये एक अच्छी आमदनी का source भी बन सकता है |

 कैसे करें ईमित्र के लिए आवेदन – चूँकि लोग अब इसमें रूचि दिखाने लगे है इसलिए बहुत सारे दलाल और कमिशनखोर जो है वो दावा करते है कि वो लोग भी कंपनी में काम करते है जबकि ऐसा नहीं है |  हर जिले और तहसील स्तर पर ईमित्र सेंटर देने वाली कंपनियों ने अपने अपने प्रितिनिधि (BC) रखे है तो आप उनसे सीधे संपर्क कर सकते है उन्हें सीधे कॉल आकर सकते है |

अगर आप अपने जिले के BC के लिए contact करना चाहते है तो इसके लिए आप ईमित्र की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाएँ और जिस जिले से आप belong करते है वो जिला सेलेक्ट करें |
उसके बाद एक जगह आपको More about your District लिखा हुआ दिखाई देगा वंहा पर LSP सेलेक्ट करें |
आपको आपके जिले में काम करने वाली companies के BC के मोबाइल नंबर मिल जायेंगे उन्हें कॉल करें | मेरी रिसर्च के अनुसार वक्रांगी और वीरमति, Acharya Emitra एवम CMS अच्छी Companies है लेकिन आप अपने विवेक के अनुसार चयन कर आवेदन करें |

 अधिक जानकारी के लिए नीचे कमेन्ट करे या हमे +91-9034040243, 9587887707  पर संर्पक कर सकते है |  या    emitra.ejaipur.in  पर संपर्क करे 


आशा है आपको ये शानदार पोस्ट पसंद आई होगी. 

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Friday, October 16, 2015

TECH GUIDE: प्रचलित टेक टर्म्स और उनके मतलब



गैजेट डेस्क। कई बार गैजेट्स के बारे में पढ़ते समय हमारे सामने ऐसे शब्द आ जाते हैं, जिनके बारे में हमें कोई जानकारी नहीं होती। emitraservice.blogspot.com की टेक गाइड के जरिए हम आपको बताएंगे आमफहम टेक टर्म्स और उनके मतलब।
नोट: अगर इस लिस्ट में आप किसी और शब्द का मतलब जानना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में हमें लिखें।

* mAh- 
किसी डिवाइस की बैटरी के चार्ज पावर को दर्शाता है। आसान शब्दों में एक बैटरी में कितनी इलेक्ट्रिकल चार्ज पावर है, ये mAh से पता चलता है। ये आंकड़ा जितना ज्यादा होगा, उतनी ही डिवाइस को ज्यादा पावर मिलेगी और बैटरी लंबे समय तक काम करेगी।

*
Megapixel - मेगापिक्सल-  Megapixel को हम short form में Million pixel (MP) कहते है! यानि 1 megapixel का मतलब 1 million pixel होता है.
 
कैमरा मेगापिक्सल का काम फोटो साइज को बढ़ाना होता है। जितने ज्यादा मेगापिक्सल होंगे, उतना ही बड़ा फोटो साइज होगा। हालांकि, इससे क्वालिटी में ज्यादा अंतर नहीं आता। कई लोगों को लगता है कि ज्यादा मेगापिक्सल होने से फोटो क्वालिटी बेहतर होगी। लेकिन ये सच नहीं है। फोटो क्वालिटी बेहतर कैमरा सेंसर से होती है, जो कलर और फोटो लाइट को संभालता है। वैसे, मेगापिक्सल फोटो क्वालिटी बढ़ाने में मददगार होता है।

*
Resolution - रेजोल्यूशन- स्क्रीन की डिस्प्ले क्वालिटी (स्क्रीन क्वालिटी) या कैमरा की फोटो क्वालिटी आम तौर पर रेजोल्यूशन पर निर्भर करती है। जितना ज्यादा रेजोल्यूशन होगा, डिस्प्ले क्वालिटी उतनी ही बेहतर होगी।

कैसे चुनें रेजोल्यूशन :
अगर आप कोई लो बजट स्मार्टफोन खरीदना चाहते हैं, तो उसमें भी कई तरह की स्क्रीन क्वालिटी मिल सकती है। लो बजट मार्केट में 720*1280 पिक्सल (HD) के रेजोल्यूशन वाले स्मार्टफोन्स उपलब्ध हैं। इससे कम HVGA (480x320), VGA (640x480), FWVGA (854x480) जैसे रेजोल्यूशन वाले फोन भी मार्केट में लोकप्रिय हैं, लेकिन ये डिस्प्ले क्वालिटी के मामले में कमजोर होते हैं। अगर आपका बजट ज्यादा है तो फुल एचडी (1920*1080 पिक्सल का रेजोल्यूशन) वाले फोन लें। फुल एचडी फोन मिड रेंज में खरीदे जा सकते हैं और ये बड़ी स्क्रीन में भी बेहतर क्वालिटी गेमिंग या वीडियो देखने के लिए अच्छे होते हैं।
*Rear Camera   रियर कैमरा- रियर कैमरा मतलब फोन का बैक कैमरा है, जो पोर्ट्रेट या लैंडस्केप में यूजर्स को फोटो खींचने की सुविधा देता है।

*
फ्रंट कैमरा- किसी भी गैजेट में फ्रंट कैमरा यूजर को सेल्फी खींचने और वीडियो कॉलिंग के काम आता है।
* एंड्रॉइड लॉलीपॉप- एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम का लेटेस्ट वर्जन एंड्रॉइड लॉलीपॉप 5.0 है। इस नए मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम में नया लुक दिया गया है जिसे मटेरियल डिजाइन का नाम दिया गया है। यूजर्स को एंड्रॉइड लॉलीपॉप ऑपरेटिंग सिस्टम में नए सिक्युरिटी फीचर्स मिलते हैं और इसके जरिए डिवाइस को एंड्रॉइड टीवी से भी कनेक्ट किया जा सकता है। इस नए ऑपरेटिंग सिस्टम में वॉइस सर्च को भी बेहतर बनाया गया है।
*मोबाइल पेमेंट- मोबाइल पेमेंट का सीधा मतलब मोबाइल से पेमेंट करना है। साथ ही, इसके द्वारा पैसा ट्रांसफर भी किया जा सकता है। मोबाइल पेमेंट के चार प्राइमरी मॉडल हैं, जिनमें इसमें SMS (शॉर्ट मैसेज सर्विस), डायरेक्ट मोबाइल बिलिंग, मोबाइल वेब पेमेंट (WAP) और नियर फील्ड कम्युनिकेशन (NFC) शामिल हैं।
*बेंचमार्क ऐप- बेंचमार्क ऐप आपके स्मार्टफोन को टेस्ट करती रहती है। ये ऐप बताती है कि आपका फोन कैसा काम कर रहा है। साथ ही, इस ऐप को इस्तेमाल करने वाले सभी स्मार्टफोन्स का डाटा भी ये आपसे शेयर करती है। यानी बेस्ट मोबाइल कौन से हैं और मार्केट में कौन से नए फोन आने वाले हैं।

* 64
बिट प्रोसेसर- 64 बिट प्रोसेसर का मतलब है कि जो प्रोससेर फोन में इस्तेमाल किया गया है, वो फोन में ज्यादा रैम, ज्यादा मेमोरी और बेहतर कैमरा फीचर्स सपोर्ट कर सकता है। 64 बिट प्रोसेसर के साथ फोन में बेहतर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर फीचर्स दिए जा सकते हैं। इससे बेहतर बैटरी बैकअप भी मिलता है। बता दें कि आईफोन में भी 64 बिट प्रोसेसर मिलता है।

*
क्वाड-कोर या ऑक्टा-कोर प्रोसेसर - मल्टीकोर प्रोसेसर (एक से ज्यादा लेयर वाले) आम प्रोसेसर से बेहतर काम कर सकते हैं। सिंगल कोर प्रोसेसर एक समय पर एक ही काम करता है, वैसे ही क्वाड-कोर प्रोसेसर एक समय में चार अलग-अलग काम कर सकते हैं। मल्टीटास्किंग के लिए ये जरूरी है कि फोन में मल्टीकोर प्रोसेसर हो। प्रोसेसर को CPU भी कहा जाता है।

* LTE - LTE
का फुल फॉर्म लॉन्ग टर्म इवोल्यूशन है। इसे आम भाषा में 4G कहा जाता है। अगर हम कह रहे हैं कि किसी फोन में LTE फीचर है, तो इसका मतलब है कि वह फोन 4G फीचर के साथ आएगा।

* GPS- GPS
सर्विस एक सैटेलाइट बेस्ड सर्विस है जो डिवाइस की लोकेशन, पोजिशन और स्थान विशेष के मौसम की जानकारी आदि देती है। इसे सुरक्षा के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। जब कोई मुसीबत में हो तो GPS से उस व्यक्ति की लोकेशन का पता लगाया जा सकता है।

* GPU- 
ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट एक स्पेशल सर्किट होता है जो फोन में इमेज इनपुट और आउटपुट का काम करता है। आसान शब्दों में कहा जाए तो GPU की मदद से गेमर्स को गेम खेलने के दौरान बेहतर डिस्प्ले क्वालिटी मिलती है और ऐसा ही मूवी या वीडियो देखने के दौरान होता है।

* NFC- 
नियर फील्ड कम्युनिकेशन (NFC) शॉर्ट रेंज में ज्यादा फ्रीक्वेंसी के साथ डिवाइसेस को कनेक्ट करने में मदद करता है। आसान शब्दों में लिमिटेड दूरी में तेज स्पीड के साथ NFC की मदद से वायरलेस डिवाइस कनेक्ट किए जा सकते हैं। ये फाइल शेयरिंग, इंटरनेट एक्सेस और बाकी ट्रांसफर के लिए काफी उपयोगी साबित होता है।

* GPRS- 
मोबाइल नेटवर्क के जरिए डाटा ट्रांसफर की तकनीक को GPRS कहा जाता है। इसे मोबाइल इंटरनेट कहते हैं जो आम सिम के जरिए काम करता है।

*
इन्फ्रारेड पोर्ट- इन्फ्रारेड पोर्ट की मदद से डिवाइस को रिमोट में बदला जा सकता है। इन्फ्रारेड सेंसर ही टीवी, DVD, AC आदि डिवाइसेस के रिमोट में लगे होते हैं। अगर किसी फोन में इन्फ्रारेड फीचर है, तो उसे होम अप्लायंस के रिमोट में बदला जा सकता है। इसके लिए कई ऐप्स गूगल प्ले स्टोर में उपलब्ध हैं।
*CyanogenMod- CyanogenMod एक ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर है जो स्मार्टफोन्स और टैबलेट्स में इस्तेमाल किया जाता है। ये एंड्रॉइड प्लेटफॉर्म पर आधारित है। इस ऑपरेटिंग सिस्टम के ओपन सोर्स होने के कारण कंपनियां पहले से दिए गए फीचर्स के साथ कुछ नए फीचर्स भी जोड़ सकती हैं। इससे यूजर्स को यूटिलिटी आधारित फीचर्स ज्यादा मिलते हैं।
*HDMI- डिजिटल ऑडियो और वीडियो ट्रांसफर करने के लिए HDMI पोर्ट और केबल का इस्तेमाल किया जाता है। स्मार्टफोन्स के डाटा केबल में एक साइड USB होता है और दूसरी तरफ HDMI
* BSI सेंसर- BSI सेंसर या बैक इल्युमिनेटेड सेंसर एक तरह का डिजिटल इमेज सेंसर है जो फोटो क्वालिटी को बेहतर बनाता है। इस सेंसर के कारण ही खींची जा रही फोटो में बेहतर लाइट आती है और कम लाइट की कंडीशन में भी बेहतर क्वालिटी मिलती है। आसान शब्दों में कहें तो फोटो में कितनी ब्राइटनेस होगी, इसे BSI सेंसर कंट्रोल करता है।
* कैश मेमोरी- ये डिवाइस मेमोरी में एक ऐसी जगह होती है जहां से हाल ही में एक्सेस किया गया डाटा आसानी से रिट्रीव किया जा सकता है। यूजर्स अपने डिवाइस पर जो भी काम करते हैं उसकी कॉपी कैश मेमोरी में भी सेव रहती है। मेन मेमोरी की जगह कैश मेमोरी से प्रोसेसर डाटा लेता है।
* हॉटस्पॉट- वाई-फाई हॉटस्पॉट एक ऐसा फीचर होता है जिसके जरिए एक डिवाइस अपने इंटरनेट कनेक्शन को बाकी डिवाइसेस में वाई-फाई सिग्नल की मदद से भेज सकता है। ऐसे में अगर किसी एक डिवाइस में इंटरनेट है तो एक या एक से ज्यादा डिवाइसेस उससे कनेक्ट हो सकेंगे।
* वूफर : वूफर टर्म लाउडस्पीकर जैसे एक डिवाइस के लिए इस्तेमाल की जाती है जो हाई फ्रीक्वेंसी साउंड को लो फ्रीक्वेंसी में बदल देता है। ये किसी भी बंद जगह पर अच्छी साउंड क्वालिटी देने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।

*
बास (BASS) : बास एक तरह का म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट होता है जो साउंड क्वालिटी को लो पिच रेंज (लो फ्रीक्वेंसी) देता है।
*WCDMA: आसान शब्दों में WCDMA मतलब 3G टेक्नोलॉजी। ये कई CDMA (रेडियो चैनल टेक्नोलॉजी जिसकी मदद से फोन कॉल या इंटरनेट एक्सेस की जा सकती है।) को मिलाकर काम करती है। WCDMA डिवाइस और नेटवर्क आम CDMA डिवाइसेस पर काम नहीं करते हैं। इसीलिए 3G सिम और फोन अलग होते हैं।
*Gyroscope: इसका इस्तेमाल मोबाइल गेम खेलने में किया जाता है। जब हम रेसिंग वाला गेम खेलते हैं और कार को दाएं या बाएं मोड़ने के लिए मोबाइल फोन को भी दाएं या बाएं घुमाते हैं तब यह इसी सेंसर की वजह से होता है।
*Pixel Density: इसे pixels per inch (ppi) के रूप में मापा जाता है। जिस मोबाइल का ppi सबसे ज्यादा होता है वह मोबाइल उतना ही अच्छा होता है। स्क्रीन के डिस्प्ले के एक इंच की दूरी में जितने अधिक पिक्सल होंगे आपके डिवाइस का स्क्रीन डिस्प्ले उतना ही अच्छा होगा। iPhone-6 की स्क्रीन साइज़ 4.7 इंच है, रेजोल्यूशन 750 x 1334 है और ppi 326 है।
*Accelerometer: मोबाइल की स्क्रीन को पोर्टेट या लैंडस्कैप में करने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है। मोबाइल को हम जिस भी दिशा में घुमाते हैं, ठीक उसी दिशा में मोबाइल की स्क्रीन भी घुम जाती है। मोबाइल में 'Auto rotate' सेटिंग इसी पर काम करती है। इसका इस्तेमाल इमेज-रोटेशन में भी किया जाता है।
*Proximity Sensor: कई बार होता है कि हम फोन को कान पर लगाकर किसी से बात कर रहे होते हैं और तभी हमारा कान मोबाइल के टचस्क्रीन को छू लेता है और इस वजह से फोन कट जाता है या फिर कोई ऐप चालू हो जाता है। कॉल के दौरान ऐसी किसी भी स्थिति से बचने के लिए Proximity Sensor का उपयोग किया जाता है। Proximity Sensor आपके फोन और उसके सामने की वस्तु के बीच की दूरी की पहचान कर अलर्ट भेजता है।
*Light ambient sensor: इसका इस्तेमाल मोबाइल फोन की ब्राइटनेस को सेट करने में किया जाता है। जब हम किसी डिवाइस में ब्राइटनेस सेटिंग को 'ऑटो' मोड में सेट करते हैं तब वह डिवाइस हमारे आस-पास मौजूद लाइट के हिसाब से मोबाइल स्क्रीन की ब्राइटनेस को सेट करता है ताकि मोबाइल स्क्रीन पर देखने में आंखों को कोई परेशानी ना हो।
*USB Type-C: ये पोर्ट्स पुराने पोर्ट्स की तरह नहीं होते हैं। इसकी मदद से सभी केबल एक ही पोर्ट में कनेक्ट किए जा सकते हैं। इसके लिए अलग-अलग पोर्ट्स किसी डिवाइस में देने की जरूरत नहीं होगी। इसका मतलब चाहे की बोर्ड की पिन लगानी हो या माउस या फिर चार्जर अटैच करना हो, सब एक ही पोर्ट से हो जाएगा। इसके अलावा, इस पोर्ट में चाहे केबल उलटा लगाया जाए या सीधा केबल लग जाएगा।
4K- 4K डिस्प्ले क्वालिटी का मतलब है HD से 8 गुना बेहतर डिस्प्ले क्वालिटी वाला डिवाइस। 4K उस डिस्प्ले रेजोल्यूशन को कहा जाता है जिसमें 4000 पिक्सल होते हैं। इसे आम तौर पर अल्ट्रा हाई डेफिनेशन टेलीविजन भी कहा जाता है। कुल मिलाकर कहा जाए तो ये अभी कमर्शियल टीवी में सबसे बेस्ट क्वालिटी है।
USB Type-C - USB Type-C पोर्ट्स पुराने पोर्ट्स की तरह नहीं होते हैं। इसकी मदद से सभी केबल एक ही पोर्ट में कनेक्ट किए जा सकते हैं। इसके लिए अलग-अलग पोर्ट्स किसी डिवाइस में देने की जरूरत नहीं होगी। इसका मतलब चाहे की बोर्ड की पिन लगानी हो या माउस या फिर चार्जर अटैच करना हो, सब एक ही पोर्ट से हो जाएगा। इसके अलावा, इस पोर्ट में चाहे केबल उलटा लगाया जाए या सीधा कोई फर्क नहीं पड़ेगा। पोर्ट एक ही तरह से काम करेगा।
OLED- बाजार में एलईडी टीवी के साथ अब ओएलईडी टीवी भी मिलने लगे हैं। ओएलईडी यानी ऑर्गनिक लाइट एमिटिंग डायोड भी एलईडी आधारित तकनीक है और इसे टीवी से लेकर स्मार्टफोन्स तक में इस्तेमाल किया जा रहा है। जहां एलईडी टीवी एलसीडी टीवी का ही प्रकार हैं और इनमें एलईडी की मदद से स्क्रीन पर एलसीडी के पिक्सल को रोशन किया जाता है। वहीं ओएलईडी स्क्रीन में खुद एलईडी ही पिक्सल का काम करती हैं और 6 लेयर्स मिलकर तस्वीरें स्क्रीन पर लाती हैं। इसलिए ओएलईडी टीवी पर तस्वीर ज्यादा स्पष्ट दिखती है और किसी भी एंगल से देखने पर एक सा दिखाई देता है। साथ ही ओएलईडी स्क्रीन वाले गैजेट्स काफी पतले और हल्के होते हैं। फिलहाल ओएलईडी तकनीक महंगी है इसलिए इसके टीवी की कीमत काफी ज्यादा है।
* Encryption- आपके स्मार्टफोन की सेटिंग्स में ‘Encrypt your data' या एनक्रिप्शन से जुड़े अन्य विकल्प उपलब्ध होते हैं। कम्प्यूटर में भी इस तरह की सुविधा होती है। एनक्रिप्शन या अपने डाटा को एनक्रिप्टेडफॉर्म में बदलना। यह एक ऐसा तरीका होता है, जिसमें आप से जुड़ी संवेदशनशील या निजी जानकारियों की फाइल्स को सिस्टम ऐसी फाइल्स में बदल देता है और पासवर्ड, प्राइवेट की या अन्य तरीकों से सुरक्षित कर देता है। इसके बाद आपके अलावा अगर कोई इन फाइल्स को देखने की कोशिश करता है, तो उसे अजीब आकृतियां और उल्टे-सीधे शब्द नजर आते हैं। इसके बाद फाइल को पासवर्ड के जरिए डिक्रिप्ट करके ही देखा जा सकता है। यह अपनी निजी या संवेदनशील फाइल्स को और भी ज्यादा सुरक्षित बनाने का कारगर तरीका होता है। इससे फाइल सिस्टम (मोबाइल या कम्प्यूटर) की सुरक्षा प्रणाली पर निर्भर नहीं रहती।
* CLOCK SPEED- मोबाइल और कम्प्यूटर दोनों के लिए ही अब प्रोसेसर्स के विकल्प की भरमार है। कई बार एक ही नाम का प्रोसेसर अलग-अलग स्पीड देता है। ऐसा क्लॉक स्पीड की वजह से होता है। यह इस बात का माप होता है कि कोई भी प्रोसेसर एक साइकिल (एक सेकंड) के दौरान कितने ऑपरेशन पूरे कर सकता है। चूंकि नए जमाने के प्रोसेसर एक सेकंड में लाखों क्लॉक साइकिल पूरे कर सकते हैं, इसलिए इन्हें आमतौर पर गीगाहर्ट्स या मेगाहर्ट्ज में मापा जाता है। प्रोसेसर की ओवरऑल परफॉर्मेंस क्लॉक स्पीड पर भी निर्भर करती है। यानी अगर प्रोसेसर में बाकी कंपोनेंट अच्छे हैं, लेकिन उसकी क्लॉक स्पीड कम है, तो वह धीमा काम करेगा। इसलिए नया मोबाइल, लैपटॉप या कम्प्यूटर खरीदते समय उसके प्रोसेसर की क्लॉक स्पीड की जानकारी भी लेनी चाहिए।